_ आजकल के लडकें यानी के कूल डूड्स ज़रा मसें भींगी नहीं के लड़की पटाना शुरू करते है और लडकियां इसे अपना सौभाग्य मानती है .
_लडकें लो वेस्ट पैंट पहन; ब्रांडेड चड्डी दिखा ; लड़कियों से देह प्रदर्शन में होड़ करते है .
_लडकियां देह दर्शी टी शर्ट और तंग जींस , छोटे स्कर्ट और माइक्रो मिनी शोर्ट्स पहनती है और मोलेस्टेशन का शिकार होने पर महिला संगठनों में शिकायत करती है .
_लडकियां इन सब वस्त्रों में फेस बुक पर अपने फोटो अपलोड करती है और गर्व से अपने आप को ” इन रीलेशनशिप ” घोषित करती है .
_माँ -बाप को खून के आँसू रुला कर अपने प्रेमी /प्रेमिका के साथ भाग जाते है ; फिर ४ दिन बाद सच्चाई सामने आती है की वे तो लव जिहाद या दहेज़ प्रथा या मानसिक दैहिक प्रताड़ना के शिकार हो रहें है . ऐसी युवतियां अक्सर अपना कन्या गर्भ गिराने को बाध्य की जाती है .
_स्कूल यूनीफोर्म के नाम पर छोटी से छोटी स्कर्ट पहन लम्पट शिक्षकों की बुरी नज़र झेलना पड़ती है .
_फेयर वेल और बर्थ डे पार्टीज़ में शराब पीना आम होता जा रहा है . पीये हुए लडकें बाइक्स चलाते है और औरों के लिए ख़तरा बनते है .
_राम जी के भाइयों का नाम तक नहीं जानते .
_टी वी पे अश्लील गाने , रोडीज जैसे कार्यक्रम देखते है .
_हर जगह युवा हाथ में मोबाइल लिए खड़े दीखते है जिस पर वे अपने गर्ल या बॉय फ्रेंड से चेटिंग करते है और गन्दी तस्वीरें शेयर करते है ना कि आपकी तरह किसी अच्छे आन्दोलन के पेज से जुड़ते है .
_शादियों में डी जे जोर जोर से गंदे गाने बजाते है जैसे की शादी गृहस्थ आश्रम की शुरुवात ना हो कर व्याभिचार आश्रम की शुरुवात हो .
आपका क्या विचार है ?
क्या भारतीय संस्कृति सही दिशा में जा रही है ?


this is very like and yahi sachi hai